बिहार में चल रहा विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त 2026 केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह जमीन के मालिकाना हक को डिजिटल युग में ले जाने का एक महा-अभियान है। इस लेख में हम बिहार सरकार की आधिकारिक तकनीकी मार्गदर्शिका (Technical Guide) के आधार पर समझेंगे कि कौन सा प्रपत्र (Form) किसके लिए है और इस प्रक्रिया में अमीन से लेकर बंदोबस्त पदाधिकारी तक की क्या भूमिका है।
सर्वेक्षण की सबसे बुनियादी कड़ी 'अमीन' होता है। मार्गदर्शिका के अनुसार अमीन के कार्यों को तीन प्रमुख भागों में बांटा गया है:
खानापुरी वह प्रक्रिया है जहाँ जमीन के हर टुकड़े (खेसरा) का ब्यौरा दर्ज किया जाता है। यहाँ अमीन सभी कागजात चेक करता है:
बिहार विशेष सर्वेक्षण नियमावली, 2012 के अनुसार प्रपत्रों की सूची और उनके उपयोग नीचे दिए गए हैं:
किसके लिए: रैयत (जमीन मालिक) के लिए।
काम: इसमें रैयत को अपनी जमीन का विवरण (खाता, खेसरा, रकबा) खुद भरकर शिविर में जमा करना या ऑनलाइन अपलोड करना होता है। यह सबसे अनिवार्य फॉर्म है। इसका मतलब यह है की आप कितना जमीन होल्ड करतें है
किसके लिए: रैयत के लिए।
काम: पुश्तैनी जमीन के मामले में रैयत को अपने पूर्वजों से लेकर वर्तमान वारिसों तक की वंशावली बनाकर देनी होती है। इसे राजस्व ग्राम के किसी विश्वसनीय व्यक्ति या जनप्रतिनिधि से सत्यापित कराना होता है।
किसके लिए: सरकार/बंदोबस्त पदाधिकारी के लिए।
काम: इसके द्वारा गांव के लोगों को सूचित किया जाता है कि सर्वेक्षण कार्य शुरू हो रहा है और वे अपने मेढ़ (Boundary) दुरुस्त कर लें।
काम: इसे 'कच्चा खतियान' भी कह सकते हैं। खानापुरी के बाद जो ड्राफ्ट खतियान तैयार होता है, उसे प्रपत्र-12 में प्रकाशित किया जाता है।
काम: यदि प्रपत्र-12 में आपका नाम, रकबा या पिता का नाम गलत चढ़ गया है, तो आप प्रपत्र-14 भरकर अंचल शिविर में आपत्ति दर्ज कर सकते हैं।
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पंचनामा क्या है खानापूरी मे क्यू जरूरी है बनवाना ?कानूनगो अमीन के कार्यों की निगरानी करता है। मार्गदर्शिका के पृष्ठ 74 के अनुसार इनके मुख्य कार्य हैं:
सर्वे के दौरान प्रयोग होने वाले कुछ कठिन शब्दों का अर्थ यहाँ दिया गया है:
| तकनीकी शब्द | सरल अर्थ |
|---|---|
| यदास्त (Yadast) | वह कच्चा रजिस्टर जिसमें विवादित जमीनों का ब्यौरा लिखा जाता है। |
| तरमीम (Tarmim) | नक्शे या रिकॉर्ड में आदेशानुसार किया गया सुधार। |
| मुस्तकिल (Mustakil) | एक ऐसा स्थिर बिंदु (जैसे बड़ा पत्थर या पुराना कुआं) जो नक्शा बनाने में आधार का काम करे। |
| गैर-मजरूआ आम | ऐसी सरकारी जमीन जिसका उपयोग पूरा समाज करता है (जैसे रास्ता, पोखर)। |
| गैर-मजरूआ खास | ऐसी सरकारी जमीन जो सरकार के नियंत्रण में है पर किसी खास व्यक्ति को बंदोबस्त दी जा सकती है। |
| तसदीक (Tasdeeq) | अधिकारियों द्वारा कागजात का भौतिक सत्यापन। |
अध्याय-9 के अनुसार, मैदानी कार्य (Field Work) के बाद 'विश्रांति' का समय आता है। इसमें ऑफिस के अंदर काम होता है:
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खतियान ऑर्डर करेंबिहार विशेष सर्वेक्षण 2026 आपकी जमीन के इतिहास को बदलने वाला है। प्रपत्र-2 और प्रपत्र-3 को सही ढंग से भरना आपकी पहली जिम्मेदारी है। यदि आप अमीन या कानूनगो के कार्य से संतुष्ट नहीं हैं, तो आप सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी (ASO) के पास अपनी बात रख सकते हैं। याद रखें, सजग रैयत ही सुरक्षित जमीन का मालिक होता है।