बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त अधिनियम, 2011 एवं नियमावली, 2012: उद्देश्य, प्रशासनिक कार्य और तकनीकी मार्गदर्शिका PDF

बिहार में चल रहे विशेष सर्वेक्षण को समझने के लिए बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त अधिनियम, 2011 एवं नियमावली, 2012 का उद्देश्य एवं किए जाने वाले प्रशासनिक कार्यों की क्रमवार विवरणी को जानना आवश्यक है। यदि आप आधिकारिक मार्गदर्शिका पढ़ना चाहते हैं, तो आप नीचे दिए गए लिंक से बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त तकनीकी मार्गदर्शिका PDF देख और डाउनलोड कर सकते हैं।

📄 बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त तकनीकी मार्गदर्शिका PDF

अधिनियम 2011 एवं नियमावली 2012 के तहत प्रशासनिक कार्यों की पूरी क्रमवार विवरणी पढ़ने के लिए आधिकारिक PDF डाउनलोड करें:

📥 आधिकारिक तकनीकी मार्गदर्शिका PDF देखें / डाउनलोड करें
नोट: यह लेख राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार द्वारा जारी तकनीकी मार्गदर्शिका, अधिनियम 2011 और नियमावली 2012 के प्रावधानों पर आधारित है।

1. बिहार विशेष सर्वेक्षण का उद्देश्य एवं प्रशासनिक कार्यों की क्रमवार विवरणी

अधिनियम 2011 और नियमावली 2012 का मुख्य उद्देश्य राज्य में डिजिटल भूमि रिकॉर्ड (Digital Land Records) तैयार करना और सीमा विवादों को समाप्त करना है। इसके तहत निम्नलिखित प्रशासनिक कार्य क्रमवार किए जाते हैं:

2. अमीन (Surveyor) के कर्तव्य और कार्य-प्रक्रिया

सर्वेक्षण की सबसे बुनियादी कड़ी 'अमीन' होता है। मार्गदर्शिका के अनुसार अमीन के कार्यों को तीन प्रमुख भागों में बांटा गया है:

क. किस्तवार (Mapping) के दौरान कार्य:

ख. खानापुरी (Recording) के दौरान कार्य:

खानापुरी वह प्रक्रिया है जहाँ जमीन के हर टुकड़े (खेसरा) का ब्यौरा दर्ज किया जाता है:

3. विशेष सर्वेक्षण के सभी महत्वपूर्ण प्रपत्र (Forms) और उनका विवरण

बिहार विशेष सर्वेक्षण नियमावली, 2012 के अनुसार प्रपत्रों की सूची और उनके उपयोग नीचे दिए गए हैं:

प्रपत्र-2 (स्व-घोषणा)

किसके लिए: रैयत (जमीन मालिक) के लिए।
काम: इसमें रैयत को अपनी जमीन का विवरण (खाता, खेसरा, रकबा) खुद भरकर शिविर में जमा करना या ऑनलाइन अपलोड करना होता है।

प्रपत्र-3 (वंशावली)

किसके लिए: रैयत के लिए।
काम: पुश्तैनी जमीन के मामले में रैयत को अपने पूर्वजों से लेकर वर्तमान वारिसों तक की वंशावली बनाकर देनी होती है।

प्रपत्र-5 (उदघोषणा)

किसके लिए: सरकार/बंदोबस्त पदाधिकारी के लिए।
काम: इसके द्वारा गांव के लोगों को सूचित किया जाता है कि सर्वेक्षण कार्य शुरू हो रहा है।

प्रपत्र-12 (अधिकार अभिलेख का प्रारूप)

काम: खानापुरी के बाद जो ड्राफ्ट (कच्चा) खतियान तैयार होता है, उसे प्रपत्र-12 में प्रकाशित किया जाता है।

प्रपत्र-14 (आपत्ति/Objection)

काम: यदि प्रपत्र-12 में कोई गलती है, तो आप प्रपत्र-14 बदलकर अंचल शिविर में आपत्ति दर्ज कर सकते हैं।

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4. कानूनगो (Kanungo) के उत्तरदायित्व

कानूनगो अमीन के कार्यों की निगरानी करता है। मार्गदर्शिका के अनुसार मुख्य कार्य:

5. तकनीकी शब्दावली (Glossary) - अध्याय 17 के अनुसार

तकनीकी शब्द सरल अर्थ
यदास्त (Yadast)वह कच्चा रजिस्टर जिसमें विवादित जमीनों का ब्यौरा लिखा जाता है।
तरमीम (Tarmim)नक्शे या रिकॉर्ड में आदेशानुसार किया गया सुधार।
मुस्तकिल (Mustakil)स्थिर बिंदु (जैसे बड़ा पत्थर या कुआं) जो नक्शा बनाने में आधार का काम करे।
गैर-मजरूआ आमसरकारी जमीन जिसका उपयोग पूरा समाज करता है (जैसे रास्ता, पोखर)।
गैर-मजरूआ खाससरकारी जमीन जो सरकार के नियंत्रण में है पर विशेष स्थिति में बंदोबस्त की जा सकती है।
तसदीक (Tasdeeq)अधिकारियों द्वारा कागजात का भौतिक सत्यापन।

6. विश्रांति (Recess) के दौरान होने वाले कार्य

अध्याय-9 के अनुसार, मैदानी कार्य (Field Work) के बाद ऑफिस वर्क होता है:

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निष्कर्ष

बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त अधिनियम, 2011 एवं नियमावली, 2012 का पालन करके आप अपनी जमीन को पूरी तरह सुरक्षित रख सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए ऊपर दी गई तकनीकी मार्गदर्शिका PDF जरूर डाउनलोड करें।