बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त: तकनीकी मार्गदर्शिका और सभी प्रपत्रों (Forms) का महा-विश्लेषण

बिहार में चल रहा विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त 2026 केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह जमीन के मालिकाना हक को डिजिटल युग में ले जाने का एक महा-अभियान है। इस लेख में हम बिहार सरकार की आधिकारिक तकनीकी मार्गदर्शिका (Technical Guide) के आधार पर समझेंगे कि कौन सा प्रपत्र (Form) किसके लिए है और इस प्रक्रिया में अमीन से लेकर बंदोबस्त पदाधिकारी तक की क्या भूमिका है।

नोट: यह लेख राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अध्याय-9 और अध्याय-17 के प्रावधानों पर आधारित है। इसे पढ़कर आप अपनी जमीन को विवादों से बचा सकते हैं।

1. अमीन (Surveyor) के कर्तव्य और कार्य-प्रक्रिया

सर्वेक्षण की सबसे बुनियादी कड़ी 'अमीन' होता है। मार्गदर्शिका के अनुसार अमीन के कार्यों को तीन प्रमुख भागों में बांटा गया है:

क. किस्तवार (Mapping) के दौरान कार्य:

ख. खानापुरी (Recording) के दौरान कार्य:

खानापुरी वह प्रक्रिया है जहाँ जमीन के हर टुकड़े (खेसरा) का ब्यौरा दर्ज किया जाता है। यहाँ अमीन सभी कागजात चेक करता है:

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2. विशेष सर्वेक्षण के सभी महत्वपूर्ण प्रपत्र (Forms) और उनका विवरण

बिहार विशेष सर्वेक्षण नियमावली, 2012 के अनुसार प्रपत्रों की सूची और उनके उपयोग नीचे दिए गए हैं:

प्रपत्र-2 (स्व-घोषणा)

किसके लिए: रैयत (जमीन मालिक) के लिए।
काम: इसमें रैयत को अपनी जमीन का विवरण (खाता, खेसरा, रकबा) खुद भरकर शिविर में जमा करना या ऑनलाइन अपलोड करना होता है। यह सबसे अनिवार्य फॉर्म है। इसका मतलब यह है की आप कितना जमीन होल्ड करतें है

प्रपत्र-3 (वंशावली)

किसके लिए: रैयत के लिए।
काम: पुश्तैनी जमीन के मामले में रैयत को अपने पूर्वजों से लेकर वर्तमान वारिसों तक की वंशावली बनाकर देनी होती है। इसे राजस्व ग्राम के किसी विश्वसनीय व्यक्ति या जनप्रतिनिधि से सत्यापित कराना होता है।

प्रपत्र-5 (उदघोषणा)

किसके लिए: सरकार/बंदोबस्त पदाधिकारी के लिए।
काम: इसके द्वारा गांव के लोगों को सूचित किया जाता है कि सर्वेक्षण कार्य शुरू हो रहा है और वे अपने मेढ़ (Boundary) दुरुस्त कर लें।

प्रपत्र-12 (अधिकार अभिलेख का प्रारूप)

काम: इसे 'कच्चा खतियान' भी कह सकते हैं। खानापुरी के बाद जो ड्राफ्ट खतियान तैयार होता है, उसे प्रपत्र-12 में प्रकाशित किया जाता है।

प्रपत्र-14 (आपत्ति/Objection)

काम: यदि प्रपत्र-12 में आपका नाम, रकबा या पिता का नाम गलत चढ़ गया है, तो आप प्रपत्र-14 भरकर अंचल शिविर में आपत्ति दर्ज कर सकते हैं।

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3. कानूनगो (Kanungo) के उत्तरदायित्व

कानूनगो अमीन के कार्यों की निगरानी करता है। मार्गदर्शिका के पृष्ठ 74 के अनुसार इनके मुख्य कार्य हैं:

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4. तकनीकी शब्दावली (Glossary) - अध्याय 17 के अनुसार

सर्वे के दौरान प्रयोग होने वाले कुछ कठिन शब्दों का अर्थ यहाँ दिया गया है:

तकनीकी शब्द सरल अर्थ
यदास्त (Yadast)वह कच्चा रजिस्टर जिसमें विवादित जमीनों का ब्यौरा लिखा जाता है।
तरमीम (Tarmim)नक्शे या रिकॉर्ड में आदेशानुसार किया गया सुधार।
मुस्तकिल (Mustakil)एक ऐसा स्थिर बिंदु (जैसे बड़ा पत्थर या पुराना कुआं) जो नक्शा बनाने में आधार का काम करे।
गैर-मजरूआ आमऐसी सरकारी जमीन जिसका उपयोग पूरा समाज करता है (जैसे रास्ता, पोखर)।
गैर-मजरूआ खासऐसी सरकारी जमीन जो सरकार के नियंत्रण में है पर किसी खास व्यक्ति को बंदोबस्त दी जा सकती है।
तसदीक (Tasdeeq)अधिकारियों द्वारा कागजात का भौतिक सत्यापन।

5. विश्रांति (Recess) के दौरान होने वाले कार्य

अध्याय-9 के अनुसार, मैदानी कार्य (Field Work) के बाद 'विश्रांति' का समय आता है। इसमें ऑफिस के अंदर काम होता है:

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निष्कर्ष

बिहार विशेष सर्वेक्षण 2026 आपकी जमीन के इतिहास को बदलने वाला है। प्रपत्र-2 और प्रपत्र-3 को सही ढंग से भरना आपकी पहली जिम्मेदारी है। यदि आप अमीन या कानूनगो के कार्य से संतुष्ट नहीं हैं, तो आप सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी (ASO) के पास अपनी बात रख सकते हैं। याद रखें, सजग रैयत ही सुरक्षित जमीन का मालिक होता है।

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