बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री के बाद सबसे महत्वपूर्ण काम होता है—दाखिल खारिज (Mutation) कराना। अक्सर लोग रजिस्ट्री (Registry) कराकर निश्चिंत हो जाते हैं, लेकिन असली मालिकाना हक तब मिलता है जब सरकारी रजिस्टर में आपका नाम दर्ज हो जाए। इस लेख में हम जानेंगे कि दाखिल खारिज क्यों जरूरी है और इसे ऑनलाइन कैसे किया जाता है।
साधारण शब्दों में, 'दाखिल' का अर्थ है नाम दर्ज करना और 'खारिज' का अर्थ है पुराने मालिक का नाम हटाना। जब आप कोई जमीन खरीदते हैं, तो सरकारी रिकॉर्ड (जिसे बिहार में जमाबंदी या पंजी-2 कहते हैं) में पुराने मालिक का नाम काटकर आपका नाम चढ़ाने की प्रक्रिया को ही 'दाखिल खारिज' या 'मोटेशन' कहा जाता है।
सिर्फ जमीन खरीदने पर ही नहीं, बल्कि इन स्थितियों में भी मोटेशन कराना अनिवार्य है:
बिहार में बहुत से लोग 'रजिस्ट्री' को ही सब कुछ मान लेते हैं। नीचे दी गई टेबल से इनका अंतर समझें:
| विशेषता | रजिस्ट्री (Registration) | दाखिल खारिज (Mutation) |
|---|---|---|
| क्या है? | खरीदार और विक्रेता के बीच कानूनी समझौता। | सरकारी रिकॉर्ड में मालिक का नाम बदलना। | }
| कहाँ होती है? | निबंधन कार्यालय (Registry Office/Tehsil) | अंचल कार्यालय (Block/Revenue Dept) |
| अंतिम परिणाम | आपको 'केवाला' (Sale Deed) मिलता है। | आपके नाम से 'रसीद' कटने लगती है। |
बिहार में अब दाखिल खारिज की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन हो चुकी है। आप Bihar Bhumi पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं:
सबसे पहले आपको बिहार भूमि की वेबसाइट पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा और 'Apply New Mutation' पर क्लिक करना होगा। यहाँ आपको अपने केवाला (Registry Paper) की पूरी जानकारी भरनी होगी।
आपका आवेदन ऑनलाइन आपके अंचल के हल्का कर्मचारी (Karmchari) के पास जाता है। कर्मचारी यह जांचता है कि जो जमीन बेची गई है, वह विक्रेता के नाम पर जमाबंदी में है या नहीं।
जांच के बाद एक सार्वजनिक नोटिस (Notice) जारी किया जाता है। इसमें 15 से 45 दिनों का समय दिया जाता है। यदि किसी को इस जमीन पर मालिकाना हक को लेकर कोई आपत्ति है, तो वह अंचल कार्यालय में शिकायत कर सकता है।
यदि कोई आपत्ति नहीं आती है, तो अंचलाधिकारी (CO) दाखिल खारिज को मंजूरी (Approve) दे देते हैं। इसके बाद आपको एक 'शुद्धि पत्र' मिलता है, जिसके बाद आप ऑनलाइन अपनी जमीन की रसीद काट सकते हैं।
दाखिल खारिज के लिए इन कागजातों का होना बहुत जरूरी है:
अगर आपने रजिस्ट्री करा ली है लेकिन दाखिल खारिज नहीं कराया, तो ये मुश्किलें आ सकती हैं:
हम बिहार के सभी जिलों में दाखिल-खारिज और जमीन संबंधी कागजात निकलवाने में आपकी मदद करते हैं। जैसे खतियान नया और पुराना या पंजी 2 या पंचनामा बटवारा बनाना,पार्टिशन (partition) के लिए
अभी सहायता लें (Order Now)दाखिल खारिज कराना केवल एक सरकारी नियम नहीं है, बल्कि यह आपकी संपत्ति का सुरक्षा कवच है। रजिस्ट्री के तुरंत बाद (3 महीने के भीतर) आपको मोटेशन के लिए आवेदन कर देना चाहिए। यदि आपका आवेदन रिजेक्ट (Reject) हो जाता है, तो आपको तुरंत अंचल कार्यालय में संपर्क करना चाहिए।
प्रो टिप: हमेशा 'Bihar Bhumi' पोर्टल पर जाकर अपनी जमाबंदी चेक करते रहें। यदि आपका नाम ऑनलाइन नहीं दिख रहा है, तो 'परिमार्जन' (Parimarjan) के जरिए उसे सुधरवाएं।