बिहार e-Mapi पोर्टल: जमीन की डिजिटल नापी (पैमाइश) के लिए ऑनलाइन आवेदन की पूर्ण मार्गदर्शिका
बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा शुरू किया गया e-Mapi (ई-मापी) पोर्टल राज्य के नागरिकों के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। पहले जमीन की पैमाइश (नापी) के लिए सरकारी अमीन के चक्कर काटने पड़ते थे और महीनों तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल हो गई है।
चित्र: ई-मापी पोर्टल के माध्यम से आधुनिक उपकरणों द्वारा जमीन की नापी
ई-मापी (e-Mapi) क्या है और इसकी आवश्यकता क्यों पड़ी?
बिहार में भूमि विवादों का सबसे बड़ा कारण जमीन की गलत नापी या पड़ोसियों के बीच सीमा (Boundary) विवाद रहा है। पुराने समय में अमीन जरीब (Chain) से नापी करते थे जिसमें त्रुटि की संभावना रहती थी। e-Mapi पोर्टल के माध्यम से अब ETS (Electronic Total Station) मशीनों का उपयोग किया जाता है, जो लेजर तकनीक से सटीक पैमाइश करती हैं।
ई-मापी ऑनलाइन आवेदन: स्टेप-बाय-स्टेप संपूर्ण प्रक्रिया
यदि आप अपनी जमीन की सरकारी नापी करवाना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन करें:
सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट emapi.bihar.gov.in पर जाएं। होमपेज पर 'Don't have an account? Register' पर क्लिक करें। अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल और पता भरें। OTP के जरिए अपना पासवर्ड सेट करें।
लॉगिन करने के बाद 'Apply for New Measurement' पर क्लिक करें। यहाँ आपको अपने जिले, अंचल, हल्का और मौजा का चयन करना होगा। अपनी जमाबंदी संख्या दर्ज करके उस जमीन को चुनें जिसकी नापी करानी है।
यह सबसे महत्वपूर्ण भाग है। आपको अपने प्लॉट के चारों तरफ (उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम) रहने वाले पड़ोसियों के नाम और मोबाइल नंबर देने होंगे। विभाग उन्हें SMS के जरिए नोटिस भेजेगा ताकि नापी के समय वे उपस्थित रह सकें और भविष्य में कोई विवाद न हो।
आपको निम्नलिखित कागजात PDF फॉर्मेट में अपलोड करने होंगे:
- हाल की लगान रसीद: जमीन का लगान अपडेट होना चाहिए।
- वंशावली: यदि जमीन आपके पूर्वजों के नाम पर है।
- न्यायालय आदेश: यदि जमीन पर कोई कोर्ट केस चल रहा हो।
निर्धारित शुल्क (Government Fees)
बिहार सरकार ने नापी के लिए बहुत ही पारदर्शी शुल्क व्यवस्था लागू की है:
| क्षेत्र का प्रकार | शुल्क (प्रति प्लॉट) | प्रक्रिया का समय |
|---|---|---|
| ग्रामीण क्षेत्र (Rural) | ₹500 | 30 कार्य दिवस |
| शहरी क्षेत्र (Urban) | ₹1,000 | 20 कार्य दिवस |
| तत्काल नापी (Tatkal) | अतिरिक्त शुल्क लागू | 10 कार्य दिवस |
आवेदन के बाद की प्रक्रिया: रिपोर्ट कैसे मिलेगी?
आवेदन जमा होने के बाद अंचल अधिकारी (CO) आपके दस्तावेजों की जांच करेंगे। स्वीकृति मिलने पर सिस्टम द्वारा एक सरकारी अमीन आवंटित किया जाएगा। निर्धारित तिथि पर अमीन आधुनिक उपकरणों के साथ आपके प्लॉट पर आएंगे। नापी के बाद एक 'फील्ड बुक' तैयार की जाएगी जिस पर सभी पक्षों के हस्ताक्षर होंगे। अंत में, आप पोर्टल से अपनी डिजिटल हस्ताक्षरित रिपोर्ट डाउनलोड कर सकते हैं।
क्या आप अपनी जमीन की सरकारी नापी के लिए तैयार हैं?
दलालों के चक्कर छोड़ें और सीधे सरकारी पोर्टल के माध्यम से आवेदन करें।
अभी ऑनलाइन आवेदन करेंनिष्कर्ष
ई-मापी पोर्टल बिहार के किसानों और जमीन मालिकों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगी है। यदि आपकी जमीन का रिकॉर्ड (खतियान या रसीद) आपके पास नहीं है, तो आवेदन से पहले उन्हें Jameenseva.in से जरूर प्राप्त कर लें।