📋
खतौनी देखें
UP भूलेख पोर्टल से
🗺️
भू-नक्शा देखें
जमीन का नक्शा ऑनलाइन
📝
दाखिल खारिज
म्यूटेशन प्रक्रिया जानें
📜
बैनामा देखें
IGRSUP पोर्टल से
📏
जमीन कैलकुलेटर
बीघा-बिस्वा-धुर
📌 उत्तर प्रदेश भूलेख क्या है और यह क्यों जरूरी है?
उत्तर प्रदेश भूलेख (UP Bhulekh) राज्य सरकार का वह ऑनलाइन पोर्टल है
जिस पर UP के सभी 75 जिलों, 826 तहसीलों और 1 लाख से अधिक गाँवों की जमीन का
डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाता है। इसे upbhulekh.gov.in के माध्यम से देखा जा सकता है।
भूलेख पोर्टल पर मुख्य रूप से खतौनी (Record of Rights) देखी जाती है —
यानी किसी जमीन पर किसका अधिकार है, कितना रकबा है और क्या उस पर कोई बंधक या विवाद है।
इसके अलावा जमीन का नक्शा, दाखिल खारिज की स्थिति और अन्य जानकारी भी यहाँ उपलब्ध है।
💡 नया अपडेट 2026: UP भूलेख पोर्टल पर अब 'रोशन' ऐप के ज़रिए
खतौनी ऑटो-अपडेट होती है। अगर आपकी खतौनी पुरानी दिख रही है तो रोशन पोर्टल पर
अपडेट की स्थिति जांचें।
UP भूलेख में क्या-क्या देख सकते हैं?
| दस्तावेज़ | पोर्टल | मुफ्त / शुल्क |
| खतौनी (Record of Rights) | upbhulekh.gov.in | ✔ मुफ्त (online देखें) |
| भू-नक्शा (Land Map) | upbhunaksha.gov.in | ✔ मुफ्त |
| बैनामा / केवाला | igrsup.gov.in | ✔ मुफ्त |
| दाखिल खारिज स्टेटस | upbhulekh.gov.in | ✔ मुफ्त |
| प्रमाणित खतौनी (Certified) | तहसील / CSC Center | ₹15–₹30 प्रति पृष्ठ |
| जमीन की रजिस्ट्री | igrsup.gov.in | ✔ मुफ्त देखें |
📋 UP खतौनी ऑनलाइन कैसे देखें? — स्टेप-बाय-स्टेप
उत्तर प्रदेश में खतौनी देखने के लिए upbhulekh.gov.in पर जाएं।
नीचे पूरी प्रक्रिया बताई गई है:
-
upbhulekh.gov.in खोलें
अपने मोबाइल या कंप्यूटर में upbhulekh.gov.in टाइप करें। होम पेज पर
"खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नकल देखें" विकल्प पर क्लिक करें।
-
कैप्चा भरें
स्क्रीन पर दिखाया गया कैप्चा कोड भरें और Submit बटन दबाएं।
-
जिला और तहसील चुनें
अपना जिला (जैसे — लखनऊ, वाराणसी, आगरा) और उसके अंतर्गत तहसील चुनें।
-
ग्राम / गाँव चुनें
ग्राम पंचायत या हल्के के अंतर्गत अपना गाँव ढूंढें। गाँव का पहला अक्षर टाइप करने पर सूची आ जाएगी।
-
खोज का तरीका चुनें
आप इनमें से किसी एक से खोज सकते हैं:
• खसरा / गाटा संख्या से (सबसे सटीक)
• खाता संख्या से
• खातेदार के नाम से
-
नंबर / नाम दर्ज करें और खोजें
जानकारी भरकर "खोजें" बटन दबाएं। आपकी खतौनी की जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी।
-
खतौनी देखें / डाउनलोड करें
खतौनी की ऑनलाइन कॉपी मुफ्त में देख सकते हैं। प्रमाणित कॉपी
(जो सरकारी कामों में चले) के लिए नजदीकी तहसील या CSC Center जाना होगा।
⚠️ ध्यान दें: ऑनलाइन दिखाई गई खतौनी की नकल प्रमाणित नहीं होती।
बैंक लोन, कोर्ट केस और सरकारी योजनाओं के लिए तहसील से
अधिकृत हस्ताक्षर वाली प्रमाणित नकल ही मान्य होती है।
🗺️ UP भू-नक्शा ऑनलाइन कैसे देखें?
उत्तर प्रदेश में जमीन का नक्शा देखने के लिए upbhunaksha.gov.in पोर्टल उपयोग करें।
इस पर किसी भी खसरा/गाटा नंबर का नक्शा देखा और डाउनलोड किया जा सकता है।
-
upbhunaksha.gov.in खोलें
पोर्टल का होम पेज खुलते ही बाईं तरफ District, Tehsil और Village के
ड्रॉपडाउन दिखेंगे।
-
जिला, तहसील और गाँव चुनें
अपनी जगह की जानकारी क्रमश: चुनें। चुनते ही उस गाँव का डिजिटल नक्शा
दाईं तरफ स्क्रीन पर दिखने लगेगा।
-
खसरा/गाटा नंबर डालें या नक्शे पर क्लिक करें
Search Box में खसरा नंबर डालने पर वह खेत नक्शे पर हाइलाइट हो जाएगा।
नक्शे पर सीधे क्लिक करके भी खेत की जानकारी देख सकते हैं।
-
नक्शा डाउनलोड करें
"Map Report" बटन पर क्लिक करके खेत का नक्शा PDF में डाउनलोड करें।
यह नक्शा व्यक्तिगत उपयोग के लिए मुफ्त है।
💜 काम की बात: यदि नक्शे में आपकी जमीन की सीमा गलत दिख रही है या
रकबा अलग है, तो अपने जिले के भू-अभिलेख कार्यालय में सुधार के लिए आवेदन दें।
⚙️ UP में दाखिल खारिज (Mutation) कैसे करें?
उत्तर प्रदेश में जमीन खरीदने, उत्तराधिकार मिलने या बंटवारे के बाद
खतौनी में नाम बदलवाने की प्रक्रिया को दाखिल खारिज (म्यूटेशन) कहते हैं।
यह अब ऑनलाइन भी किया जा सकता है।
दाखिल खारिज के लिए जरूरी दस्तावेज़
- 📜
बैनामा / रजिस्ट्री की कॉपी — जमीन खरीदी है तो रजिस्ट्री दस्तावेज़।
- 📋
पुरानी खतौनी — पुराने मालिक के नाम की खतौनी।
- 🌳
वंशावली / उत्तराधिकार प्रमाण — अगर उत्तराधिकार से मिली है तो।
- 🪪
आधार कार्ड — आवेदक का।
- 📸
पासपोर्ट साइज फोटो — आवेदक की।
- 📑
शपथ पत्र (Affidavit) — नोटरी द्वारा प्रमाणित।
ऑनलाइन दाखिल खारिज की प्रक्रिया
-
upbhulekh.gov.in पर जाएं
"दाखिल खारिज / वाद ग्रस्त प्रकरण" सेक्शन में जाएं।
-
जिला और तहसील चुनें
अपने क्षेत्र की जानकारी भरें।
-
आवेदन फॉर्म भरें
खसरा/गाटा नंबर, पुराने मालिक का नाम, नए मालिक का नाम और दस्तावेज़ नंबर भरें।
-
दस्तावेज़ अपलोड करें
बैनामा, आधार और अन्य दस्तावेज़ PDF में अपलोड करें।
-
Application Number नोट करें
सबमिट के बाद मिले नंबर को सुरक्षित रखें — इससे स्थिति ट्रैक होगी।
-
तहसील में सुनवाई और अपडेट
तहसीलदार की स्वीकृति के बाद 30 से 60 दिन में खतौनी में नाम अपडेट हो जाता है।
✅ टिप: दाखिल खारिज की स्थिति जानने के लिए upbhulekh.gov.in पर
"दाखिल खारिज की स्थिति देखें" विकल्प में Application Number डालें।
📜 UP में बैनामा (Sale Deed) ऑनलाइन कैसे देखें?
बैनामा जमीन की रजिस्ट्री का दस्तावेज़ होता है जो IGRSUP पोर्टल
(igrsup.gov.in) पर ऑनलाइन देखा जा सकता है। यह UP के सभी जिलों की
पंजीकृत संपत्तियों का रिकॉर्ड रखता है।
-
igrsup.gov.in खोलें
"संपत्ति खोजें" या "Property Search" विकल्प पर जाएं।
-
जिला और SRO चुनें
अपने जिले का Sub-Registrar Office (SRO) चुनें।
-
विवरण दर्ज करें
रजिस्ट्री नंबर, वर्ष या पार्टी का नाम डालकर खोजें।
-
बैनामा देखें
सूची में से अपना बैनामा चुनें — मुख्य जानकारी ऑनलाइन दिख जाएगी।
पूरी प्रमाणित कॉपी के लिए SRO ऑफिस जाएं।
💡 नई सुविधा: IGRSUP पोर्टल पर अब स्टैम्प ड्यूटी कैलकुलेटर
भी उपलब्ध है — रजिस्ट्री से पहले देखें कि कितना टैक्स देना होगा।
📑 UP जमीन के मुख्य दस्तावेज़ और उनका उपयोग
| दस्तावेज़ | क्या होता है | कहाँ काम आता है |
| खतौनी |
वर्तमान भू-स्वामित्व रिकॉर्ड |
बैंक लोन, कोर्ट, दाखिल खारिज |
| खसरा / गाटा |
जमीन के टुकड़े की पहचान संख्या |
खतौनी, नक्शा, रजिस्ट्री में |
| बैनामा (Sale Deed) |
जमीन खरीद-बिक्री का रजिस्टर्ड दस्तावेज़ |
स्वामित्व प्रमाण, बैंक, कोर्ट |
| भू-नक्शा |
जमीन की सीमाओं का सरकारी नक्शा |
सीमा विवाद, निर्माण अनुमति |
| आबादी पट्टा |
गाँव की आबादी भूमि का आवंटन पत्र |
ग्रामीण घर के मालिकाना हक में |
| विरासत / उत्तराधिकार |
मृत व्यक्ति की जमीन उत्तराधिकारियों को मिलने का दस्तावेज़ |
पुश्तैनी जमीन के बंटवारे में |
🌐 UP जमीन के मुख्य सरकारी पोर्टल
उत्तर प्रदेश में जमीन से जुड़े काम के लिए ये आधिकारिक पोर्टल उपयोग करें:
📏 उत्तर प्रदेश में जमीन की माप — बीघा, बिस्वा और धुर
उत्तर प्रदेश में जमीन की माप के लिए बीघा, बिस्वा और धुर/बिस्वांसी प्रणाली
उपयोग होती है। हालांकि UP के अलग-अलग क्षेत्रों में माप थोड़ी अलग हो सकती है।
| इकाई | बराबर | डेसिमल में |
| 1 बिस्वांसी | 1/20 बिस्वा | ≈ 1.008 sq. ft (approx) |
| 1 बिस्वा | 20 बिस्वांसी | ≈ 1,350 sq. ft (approx) |
| 1 बीघा | 20 बिस्वा | ≈ 27,000 sq. ft / 0.27 एकड़ |
| 1 एकड़ | ≈ 3.63 बीघा (UP) | 43,560 sq. ft |
| 1 हेक्टेयर | ≈ 8.97 बीघा (UP) | 10,000 sq. meter |
📍 उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिले — जमीन रिकॉर्ड जानकारी
UP के सभी 75 जिलों में upbhulekh.gov.in के माध्यम से जमीन रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध है:
लखनऊ
कानपुर
आगरा
वाराणसी
प्रयागराज
मेरठ
गाजियाबाद
नोएडा
बरेली
अलीगढ़
मुरादाबाद
गोरखपुर
झांसी
सहारनपुर
फैजाबाद
मथुरा
बस्ती
फर्रुखाबाद
अयोध्या
बलिया
देवरिया
सोनभद्र
मिर्जापुर
बुलंदशहर
एटा
मैनपुरी
फिरोजाबाद
इटावा
औरैया
कन्नौज
रायबरेली
उन्नाव
हरदोई
सीतापुर
लखीमपुर
बाराबंकी
अंबेडकरनगर
सुल्तानपुर
अमेठी
जौनपुर
गाजीपुर
चंदौली
भदोही
आजमगढ़
मऊ
बलरामपुर
श्रावस्ती
बहराइच
गोंडा
सिद्धार्थनगर
महाराजगंज
कुशीनगर
पडरौना
बांदा
चित्रकूट
महोबा
हमीरपुर
जालौन
ललितपुर
रामपुर
अमरोहा
बिजनौर
संभल
हापुड़
शामली
मुजफ्फरनगर
बागपत
पीलीभीत
शाहजहांपुर
खीरी
हाथरस
कासगंज
प्रतापगढ़
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल — UP भूलेख FAQ
UP में खतौनी और खसरा में क्या अंतर है? ▼
खतौनी एक व्यक्ति (खातेदार) की सभी जमीन का सारांश रिकॉर्ड है — यह बताती है कि उस व्यक्ति के पास कितनी जमीन है और उसका खसरा नंबर क्या है।
खसरा/गाटा जमीन के एक विशेष टुकड़े की पहचान संख्या है। एक खतौनी में कई खसरा नंबर हो सकते हैं।
क्या UP में ऑनलाइन खतौनी बैंक लोन में चलती है? ▼
नहीं। upbhulekh.gov.in से निकाली गई ऑनलाइन खतौनी केवल जानकारी के लिए है। बैंक लोन, कोर्ट या सरकारी योजनाओं के लिए तहसील या CSC Center से प्रमाणित नकल (जिस पर तहसीलदार के हस्ताक्षर और मोहर हो) लेना अनिवार्य है।
UP में दाखिल खारिज में कितना समय लगता है? ▼
UP में दाखिल खारिज की प्रक्रिया आमतौर पर 30 से 60 दिन में पूरी होती है। यदि कोई आपत्ति न हो तो तहसीलदार आवेदन स्वीकार करते हैं और खतौनी अपडेट हो जाती है। ऑनलाइन आवेदन के बाद आप Application Number से स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।
UP में पुरानी रजिस्ट्री (बैनामा) कैसे निकालें? ▼
पुराना बैनामा निकालने के दो तरीके हैं:
1. ऑनलाइन: igrsup.gov.in पर जाकर "संपत्ति खोजें" से रजिस्ट्री नंबर या पार्टी के नाम से खोजें।
2. ऑफलाइन: संबंधित Sub-Registrar Office (SRO) में जाकर निर्धारित शुल्क देकर नकल प्राप्त करें।
UP में आबादी भूमि का पट्टा कैसे मिलता है? ▼
ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर मकान बने हैं लेकिन पट्टा नहीं है, तो SVAMITVA योजना के तहत ड्रोन सर्वे के बाद पट्टा दिया जा रहा है। अपने ग्राम प्रधान या तहसील से संपर्क करें। PM SVAMITVA पोर्टल (svamitva.nic.in) पर स्थिति देखें।
UP में खतौनी में नाम गलत होने पर क्या करें? ▼
खतौनी में नाम, रकबा या खसरा में कोई गलती होने पर तहसील में त्रुटि सुधार आवेदन (Correction Application) दें। इसके साथ बैनामा, पुरानी खतौनी और आधार कार्ड की कॉपी लगाएं। तहसीलदार जांच के बाद सुधार करते हैं।
UP भूलेख पोर्टल पर गाँव का रिकॉर्ड नहीं मिल रहा, क्या करें? ▼
कुछ पुराने गाँवों का डेटा अभी पूरी तरह डिजिटाइज़ नहीं हुआ है। ऐसे में अपने जिले के भू-अभिलेख कार्यालय या तहसील में जाकर मैन्युअल रिकॉर्ड से खतौनी निकलवाएं। UP Revenue Department Helpline: 0522-2217145 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
🔗 संबंधित सेवाएं और उपयोगी जानकारी